इन्तेज़ार है उस लाल अल्फी पहने दुधिया दाढी वाले का
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मेरे सिरहाने दो ज़ुरबे रखी हुई हैं
इन्तेज़ार है उस लाल अल्फी पहने दुधिया दाढी वाले का
जो एक ज़ुरबे में खुब सारा अपना प्यार भरे
और दुसरे में मुझसे नाराज़ लोगों का प्यार भरे
उम्मीद है तुम ज़रुर आओगे
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December 24, 2011
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